सेवा और संस्कार की पाठशाला भारत विकास परिषद – अरुण चतुर्वेदी

भारत विकास परिषद राजस्थान दक्षिण-पूर्व प्रांत द्वारा प्रांत स्तरीय शिक्षाविद सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित

कोटा, भारत विकास परिषद राजस्थान दक्षिण पूर्व प्रांत द्वारा 7 सितंबर 2025, रविवार को शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल सभागार, श्रीनाथपुरम कोटा पर प्रांत स्तरीय शिक्षाविद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।भारत विकास परिषद दक्षिण पूर्व प्रांत के प्रांतीय महासचिव हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि शिक्षाविद सम्मान समारोह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक डॉ रमेश चंद्र अग्रवाल, अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष अरविंद गोयल, विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् नितिन विजय, क्षेत्रीय संस्कार संयोजक किशन पाठक, प्रांतीय अध्यक्ष रविप्रकाश विजय, प्रांतीय महासचिव हिमांशु चतुर्वेदी रहे । इस अवसर पर प्रांतीय महासचिव हिमांशु चतुर्वेदी ने संबोधित करते हुए बताया कि शिक्षाविद सम्मान समारोह के कार्यक्रम में भारत विकास परिषद संगठन के 63 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 63 शिक्षाविदों का सम्मान अतिथियों द्वारा किया जा रहा है । भारत विकास परिषद स्वस्थ- समर्थ संस्कारित भारत के निर्माण के प्रति दृढ संकल्पित है । इसी के तहत राष्ट्रीय प्रकल्प गुरु वंदन छात्र अभिनंदन में संपूर्ण देश भर में हजारों शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है ।
क्षेत्रीय संयोजक संस्कार श्री किशन पाठक ने बताया कि भारत विकास परिषद संस्कार के विभिन्न विषयों को समाज के विभिन्न स्तर पर आयोजित किए जाते है । भारत को जानो, राष्ट्रीय समूह गान के माध्यम से लाखों बच्चों के बीच अनेक प्रकार के राष्ट्र प्रेरित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ।
विशिष्ट अतिथि नितिन विजय ने प्राचीन शिक्षा पद्धति की ओर रुख करने की आवश्यकता गुरुकुल पद्धति शिक्षा में समानता और वर्ग अनुसार बनाया जाए इस पर जोर दिया । बच्चों को सीखने की प्रक्रिया को सिखाना ही असली शिक्षा है ।
मुख्य अतिथि अरुण चतुर्वेदी अध्यक्ष वित आयोग, राजस्थान ने बताया कि भारत विकास परिषद समाज को देने की भावना के साथ कार्य कर रहा है गुरु वंदन आदिकाल से चला आ रहा है । वर्तमान शिक्षा प्रणाली मेघालय की देन है, शिक्षा रोजगार परक बनाने की आवश्यकता है शिक्षा करियर ओरिएंटेड हो गई है प्रथम गुरु मां है विद्यार्थियों को रुचि का क्षेत्र चुने जाने की आवश्यकताहै ।
मुख्य वक्ता डॉ रमेश अग्रवाल क्षेत्रीय संघचालक ने बताया कि भारत आत्मनिर्भरता की ओर नवभारत की ओर बढ़ रहा है । कर्तव्य की पालना से ही अधिकारों की रक्षा की जा सकती है कर्तव्यों के लिए परिवार व समाज को जागरूक करना आवश्यक है । नागरिक कर्तव्यों का पालन राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान राष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाना चाहिए । नागरिक कर्तव्य का पालन किए जाने से ही राष्ट्र महान बन सकता है । भारत की एकाग्रता को पहचानने की आवश्यकता है । स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग आवश्यक है, जीवन इको फ्रेंडली हो पर्यावरण को संरक्षित करने वाली जीवन शैली अपनाया जाना । आवश्यक परिवारों में भेंट के रूप में पौधा भेंट किया जाना चाहिए । पौधारोपण के प्रति जागरूकता की आवश्यकता है प्लास्टिक कभी समाप्त नहीं होता है यह कैंसर की जड़ है हम सभी को संकल्प लेना चाहिए की प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे पानी का संरक्षण आवश्यक है ।
क्षेत्रीय अध्यक्ष अरविंद गोयल ने भारतीय शिक्षा के संवर्धन एवम संपोषण के पर जोर दिया और बताया कि भारतीय मूल्य आधारित शिक्षा आज की जरूरत है । प्रांतीय अध्यक्ष रविशंकर मूंदड़ा ने आभार व्यक्त किया । मंच संचालन डॉ प्रियंका सैनी ने किया । इस अवसर पर डॉ बी पी सारस्वत कुलगुरु कोटा विश्वविद्यालय, डॉ अभय कुमार व्यास कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय, कमल सुरेका क्षेत्रीय संयुक्त सचिव, सुनीता गोयल क्षत्रिय संयोजक महिला सहभागिता, रवि प्रकाश विजय प्रांतीय संरक्षक, अरविंद गर्ग, जगदीश पाटीदार, उमा पालीवाल, विजय सिंह, महेंद्र सिंहवाल, कुसुम शर्मा, रचना पाठक, नलिन पाराशर समेत परिषद परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!