अंहिसामय हुई कोटा नगरी,महावीर के संदेशो के साथ निकली सकल जैन समाज की अहिंसा पदयात्रा


अंहिसा मय हुई शिक्षा नगरी ,महावीर के संदेशो के साथ निकाला सकल जैन समाज

कोटा। जीओ और जीने दो,अहिंसा परमों धर्म, सत्य व अंहिसा की तख्तियां लिए हजारों जैन समाज के महिला व पुरूष। महावीर के संदशों और जयकारों से गुंजता शोभामार्ग और कतारबद्ध होकर केसरिया वस्त्रो में महिलाएं और श्वेत वस्त्रो में पुरूष यह नजारा था,तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में दिगम्बर व श्वेताम्बर जैन समाज कोटा महानगर में आयोजित ऐतिहासिक अंहिसा पद यात्रा का।
सकल दिगम्बर जैन समाज के मुख्य संयोजक जे के जैन ने बताया कि जैन समाज द्वारा आयोजित सामूहिक पदयात्रा रविवार सुबह 7.30 बजे महावीर नगर प्रथम दिगंबर जैन लाल मंदिर से एडिशन एसपी अंकित जैन ने हरी झण्डी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।पंकज मेहता ने बताया कि पदयात्रा में समाज जन हाथों में झंडे व तख्तियां लेकर भगवान महावीर के अहिंसा संदेश का प्रचार कर रहे थे,वहीं मार्ग को आकर्षक रंगोलियों एवं स्वागत द्वारों से सजाया। जैन धर्म की विभिन्न संदेशो के साथ अकलंक विद्यालय एवं पाठशाओं बच्चो ने 8 आकर्षक झांकिया बनाई वह मनोहरी एवं आकर्षण का केन्द्र रही।
विकास अजमेरा एवं विजय दुगेरिया ने बताया कि कि अंहिसा पदयात्रा महावीर नगर प्रथम दिगंबर जैन लाल मंदिर से प्रारंभ होकर ओपेरा हॉस्पिटल रोड, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, तलवंडी चौराहा, सुवि नेत्र चिकित्सालय ,जवाहर नगर होती हुई भगवान महावीर के जयकारों के साथ दानबाडी पहुंची जहां पदयात्रा सभा में परिवर्तित हो गई। अंहिसा पदयात्रा में दिगम्बर व श्वेताम्बर, जैन समाज के लोग शामिल थे।
संयोजिका रेखाहिंगड ने बताया कि पदयात्रा में पूर्व मंत्री शांतिधारीवाल,भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन,पवन जैन, भगवतसिंह हिंगड़,प्रवीण जैन, राजमल पाटौदी,विमल जैन नांता,महामंत्री पदम बडला कोषाध्यक्ष जितेंद्र हरसोरा,अमित धारीवाल, विजय दुगेरिया,नरेश जैन वैद,लोकेश सीसवाली,महिला प्रकोष्ठ की संयोजक निशा जैन,अशोक पहाडिया,पारस लुंग्या,राजेश मंगलम, श्वेताम्बर जैन समाज के समन्वयक पंकज मेहता, लोकेश डांगी,प्रदीप बर​डिया, अंकित सेठिया, ज्ञान चंद लोढ़ा, कमलेश सांवला, धर्मचंद जैन,बुद्धि प्रकाश,दीपू व भुवनेश जैन आदि उपस्थित रहे।

अंहिसा मय हुई शिक्षानगरी
जैन समाज द्वारा सामूहिक अहिंसा पदयात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी पहनकर हाथों में तख्तियों व झण्डे से भगवान महावीर के संदेशो को लेकर चल रही थी। इसने पीछे सकल जैन सकल समाज के पुरूष वर्ग भी भगवान के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहा था।वहीं बालिका एवं युवा मण्डल भजनों पर थिरकते हुए चल रहे थे।पुरुष वर्गों के हाथों में धर्म ध्वजा थी जिसे लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए पुरुष आगे बढ़ रहे थे।पदयात्रा के साथ भजन मंडली,डी जे साउंड भी था जिसपर आध्यात्मिक पाठशाला के नन्हे मुन्ने बच्चे भक्ति नृत्य करते चल रहे थे। पदयात्रा मार्ग में 108 स्वागत द्वार लगाए गए और जगह—जगह फूल मालाओं से पदयात्रा का स्वागत किया गया और पूरे मार्ग में रंगोली सजाई गई थी सड़कों के दोनों और लोग पदयात्रियों का स्वागत करते नजर आ रहे थे। भगवान महावीर को आहार दान,भगवान महावीर के जन्म,जैन संस्कृति,श्रमण संस्कृति के उन्नायक जैन आचार्य, संतो के विचारो,जैन तीर्थों की रक्षा का संदेश सहित हर प्रदेश में बने तीर्थों को महिलाओ ने तकतियों व बैनर के माध्यम से पदयात्रा में प्रदर्शित किया। पदयात्रा 5 किमी का सफर तय करके दानबाड़ी पहुँची। जैन समाज के लोगो ने तख्तियों पर अहिंसा,सत्य व सदाचार के संदेश थे। ‘पुण्य—पाप तो कर्म है,वीतरागगता धर्म है…,सत्य अहिंस प्यारा है यहि हमारा नारा है…,महावीर के सपाही बनेंगे सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलेंगे….,राम राज्य लाना है..शाकाहा​र अपनाना है…जीओ और जीने दो…महावीर के संदेश घर—2 पहुचायेंगे आदि संदेश के माध्यम से शिक्षा नगर कोटा को जैन समाज ने अहिंसामय बना दिया।

प्रशंसनीय है समाज की एकता
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने समाज की एकता की प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमें और ​अधिक संख्या में समाजिक आयोजनों में शामिल होना चाहिए। सकल समाज के मुख्य संयोजक जे के जैन ने ऐतिहासिक सफल पदयात्रा संयोजको की मेहनत के लिए उनका आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह पांचवा वर्ष है,दोनो समाज मिलकर पदयात्रा निकाल रहे है। पंकज मेहता ने उद्बोधन में कोटा जैन समाज द्वारा संगठित पदयात्रा निकालने पर समाज की एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा कि सकल जैन समाज का यह सार्थक प्रयास है। भााजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहाकि ऐसे ही संगठित प्रयासो से समाज में एकता बढती है,उन्होने महिलाओं द्वारा पदयात्रा को भव्य बनाने लिए साधुवाद दिया। संयोजिका रेखा हिंगड़ ने बताया कि इस वर्षो समाज के बच्चो द्वारा भगवान महावीर के सिद्धांतो व संदेशो का सजीव चित्रण करते हुए झांकी बनाई गई। इसके लिए समाज के सभी पदाधिकारी,कार्यकर्ता व आमजन बधाई के पात्र है उन्होने कहा कि महावीर के संदेशों की सार्थकता एकता के साथ ही है। लोकेश डांगी ने कहा कि मन का मैल जो धोये वह महावीर का सच्चा उपासक है। हमें अहिंसा व सत्य जैसे विचारों को जन—जन तक पहुचाना है।

महावीर जयंति पर शोभायात्रा 
कोटा की हृदयस्थली रामपुरा से एक विशाल शोभायात्रा सोमवार को सुबह 7.30 प्रारंभ होगी, जो आर्य समाज रोड, हिंदू धर्मशाला, अग्रसेन बाजार, श्रीपुरा, गांधीजी का पुल, गढ़ पैलेस होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी।
शोभायात्रा में भगवान महावीर की प्रतिमा को रथ पर सौधर्म इंद्र द्वारा विराजित किया जाएगा। 11 बग्गियों में इंद्र-इंद्राणी स्वरूप, घोड़ों पर सवार युवा, धर्मध्वज एवं उपदेशों की तख्तियां लिए श्रद्धालु शामिल होंगे। 108 तोरण द्वार, रंगोली, आरती एवं युवाओं के नृत्य दल शोभा बढ़ाएंगे। रथ को सैकड़ों श्रद्धालु खींचेंगे तथा चंवरधारी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पंकज सेठी ने बताया कि सोशल ग्रुप रक्तदान,अशोक जोरा ने बताया कि दिव्यांग शिविर का आयोजन किया जाएगा।दी ह्यूमन हेल्पलाइन ट्रस्ट द्वारा गौरैया संरक्षण हेतु विशेष घोंसले वितरित किए जाएंगे। जीव दया टीम, जीव रक्षा फाउंडेशन एवं करुणाभाव संस्था द्वारा पक्षियों के लिए मिट्टी के परिंडे वितरित किए जाएंगे।

दशहरा मैदान में मुख्य समारोह
दशहरा मैदान में पहुंचने पर भगवान की प्रतिमा को रजत पांडुशिला पर विराजमान किया जाएगा। आर्यिका विशुद्ध मति माताजी, आर्यिका विज्ञमति माताजी एवं आर्यिका चिन्मय मति माताजी के सान्निध्य में कार्यक्रम आयोजित होगा।
कार्यक्रम में मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति कुमार धारीवाल, संदीप शर्मा एवं कल्पना देवी सहित कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है। मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के पश्चात समाज की पांच प्रमुख हस्तियों एवं सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। आर्यिका संघ के प्रवचन एवं अतिथियों के संबोधन में भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला जाएगा। प्रातः 11 बजे कलशाभिषेक एवं पूजन होगा।

 

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