कोटा। कोटा विश्वविद्यालय से एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। लंबे समय से शिक्षकों की पदोन्नति अटकी हुई थी, लेकिन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और कुलगुरु प्रोफेसर भगवती प्रसाद सारस्वत के निरंतर प्रयासों से यह बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया आखिरकार पूरी हो गई।
विश्वविद्यालय प्रबंधन की मंजूरी के साथ पदोन्नति की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई।पहले चरण में, 15 सितंबर 2025 को प्रबन्ध-मण्डल की स्वीकृति के बाद स्टेज 1 से 2 और स्टेज 2 से 3 की पदोन्नति दी गई। इससे 10 सहायक आचार्यों (असिस्टेंट प्रोफेसर्स) एवं समकक्ष कर्मचारियों को लाभ मिला।
दूसरे चरण में, 21 सितंबर 2025 को स्टेज 3 से 4 और स्टेज 4 से 5 की पदोन्नति प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान 5 सहायक आचार्यों को एसोसिएट प्रोफेसर तथा 11 एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया।
कुलगुरू प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा “पदोन्नति शिक्षकों की योग्यताओं का सम्मान है और यह शिक्षा की गुणवत्ता को और सशक्त करेगी। हमारा प्रयास है कि हर योग्य शिक्षक को समय पर उसका अधिकार मिले।”
नियमों का अनुपालन करते हुए और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह प्रक्रिया पूरी की, जिसके लिए शिक्षकों ने आभार प्रकट किया।
